नए प्रयोग के लिए जाने जाते हैं आईपीएस प्रभाकर चौधरी

नए प्रयोग के लिए जाने जाते हैं आईपीएस प्रभाकर चौधरी

आइपीएस प्रभाकर चौधरी का काम करने का अंदाज बेहद अनूठा है । कर्तव्य को प्राथमिकता और ड्यूटी में अनुशासन में प्रभाकर चौधरी विश्वास रखते है । कानून को सख्ती से पालन करना और और करवाना सर्विस की पहली जरूरत मानते बैं । मेरठ के एसएसपी प्रभाकर चौधरी अपने काम के खास अंजाद को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, प्रभाकर चौधरी को 15 जून 2021 को मेरठ का एसएसपी बनाया गया। ज्वाइनिंग से पहले इन्होंने 15 से 17 जून तक छुट्टी पर रहे। इस दौरान उन्होंने सिंघम स्टाइल में गुपचुप तरीके से शहर घूमा और स्थिति का जायजा लिया। 
बचपन में प्रभाकर चौधरी केमेस्ट्री के लेक्चरर बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें आईपीएस बना दिया। प्रभाकर चौधरी को बचपन से की पढ़ने में रुचि थी। इनका जन्म 1 जनवरी 1984 को उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में हुआ । इनके पिताजी का नाम पारस नाथ चौधरी है ।  वह रोज पांच से छह घंटे पढ़ा करते थे। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 76 प्रतिशत अंक ही प्राप्त किए तो इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी 61 प्रतिशत अंकों से क्लीयर किया और  बाद में एलएलबी की पढ़ाई की। पहली ही बार में सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर आईपीएस बन गए। 2010 बैच  में सिविल सर्विसेज की परीक्षा में सफल हुए ।


प्रभाकर चौधरी बलिया, बुलंदशहर, कानपुर में एसपी के पद पर तैनात रह चुके हैं। उन्हें वाराणसी के एसएसपी की जिम्मेदारी दी जा चुकी है। इससे पहले वह मुरादाबाद के एसएसपी थे। मेरठ में एसएसपी बने उसके बाद प्राइवेट इनोवा गाड़ी में सिविल ड्रेस में शहर में निकलने की जब कुछ पुलिसकर्मियों को भनक लगी तो वे सतर्क हो गए। इसे लेकर हड़कंप मचा रहा। प्रभाकर चौधरी उस समय भी काफी चर्चा में आए थे जब वह पीठ पर स्टूडेंट की तरह बैग टांग कर और रोडवेज बस में सवार होकर कानपुर एसपी का चार्ज संभालने पहुंचे थे।


आईपीएस प्रभाकर चौधरी ने मेरठ एसएसपी के रूप में आने के बाद वाहन माफियाओं की लिस्ट तैयार की और वाहन चोरों के कुख्यात सरगना नईम उर्फ हाजी गल्ला की करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई है। कई अन्य अपराधियों की कुर्की भी की जा चुकी है। इसके अलावा करीब 50 से ज्यादा वाहन चोरों को जेल भेजा जा चुका है। अब मेरठ पुलिस ने इन अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने में कोई कोर कसर नहीं छोडा ।

कानपुर देहात के हेडक्वॉर्टर माती में पुलिस ऑफिसर को  काम के प्रति लापरवाही बरसने के मामले में सख्ती बरता । 2010 बैच के आईपीएस प्रभाकर चौधरी लखनऊ से बेहद खास अंदाज में कानपुर पहुंचे । इन्होंने यूपी रोडवेज की बस से पीठ पर बैगपैक लादकर टेम्‍पो पकड़ा और अकबरपुर की तरफ रवाना हो गया। एसपी ऑफिस पहुंचकर मांगा सीयूजी सिम...युवक सामान्य इंसान की तरह अंदर गया और नजारा देखा। चुपचाप स्टेनो के पास पहुंचकर सीयूजी सिम मांगा। इस पर स्टेनो ने पूछा, 'आप कौन हैं जो सिम मांग रहे हैं'? युवक ने जवाब दिया, 'मैं प्रभाकर चौधरी'। नाम सुनते ही एसपी बंगले में मौजूद पुलिसवालों में हड़कंप मच गया। हर कोई सावधान की मुद्रा में आ गया और नए कप्तान को सलाम किया।


हालांकि, सरकारी सुविधाएं न लेकर आम आदमी की तरह बस से आने पर चौधरी ने कहा कि यही हमारा अंदाज है। मेरे लिए यह सामान्य बात है। स्टूडेंट लाइफ में दोस्तों के साथ हम ऐसे ही घूमते थे। फैमिली लखनऊ में थी, तो मैं आराम से बस से कानपुर देहात आ गया। इसके अलावा कुछ महसूस नहीं होता। आईपीएस अफसरों के ट्रांसफर किए तो प्रभाकर चौधरी को बलिया से कानपुर देहात का एसपी बनाकर भेजा गया।

प्रभाकर चौधरी युवा होने के चलते पुलिस महकमे में नए प्रयोग भी करने के लिए जाने जाते हैं। 2010 बैच के आईपीएस देवरिया में बतौर एसपी पोस्टिंग के दौरान इन्होंने जोड़-जुगाड़ की जगह योग्य थानेदारों की तैनाती का सिस्टम तैयार किया। इसके लिए दारोगाओं की परीक्षा ली जाती थी। मेरिट के आधार पर थाने बंटते थे। किसी नेता विधायक या मंत्री की कोई सिफारिश इनके पास  नहीं चलती थी, जिससे थानों से जनता को काफी हद तक न्याय मिलने लगा था। अब कानपुर देहात में जब ये थे तो हर ओर पुलिस ऑफिसर प्रभाकर चौधरी की चर्चा होती थी ।
आम लोगों के हितों की रक्षा करना और अपराध पर लगाम लगाना और अपराधियों को किसी भी हाल में नहीं बख्शना इनके काम का हिस्सा है । कानून के दायरे में काम करना इन्हें बेहद पसंद है। पुलिस महकमें को आमलोगों की सेवा के प्रति सजग करना इनकी प्राथमिकता है ।  

2010 बैच के आईपीएस प्रभाकर चौधरी स्वभाव से कड़क पुलिस अधिकार, ईमानदार छवि, समय के पाबंद, अनुशासन प्रिय और प्रशासनिक लिहाज से कर्मठ हैं । फेम इंडिया मैगजीन-एशिया पोस्ट सर्वे के मापदंडों में  क्राइम कंट्रोल, लॉ एंड आर्डर में सुधार , पीपुल्स फ्रेंडली, दूरदर्शिता, उत्कृष्ट सोच, जवाबदेह कार्यशैली , अहम फैसले लेने की त्वरित क्षमता, सजगता, व्यवहार कुशलता आदि पर किए गए  सर्वे में मेरठ के एसएसपी प्रभाकर चौधरी को अव्वल स्थान मिला है ।