कुशल प्रबंधक तथा मजबूत संगठन निर्माता हैं श्री रामचंद्र प्रसाद सिंह

कुशल प्रबंधक तथा मजबूत संगठन निर्माता हैं श्री रामचंद्र प्रसाद सिंह

श्री रामचंद्र प्रसाद सिंह वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मंडल में इस्पात मंत्रालय के पद पर आसीन हैं। इसके पूर्व ये जनता दल (यूनाइटेड) पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं। आरसीपी सिंह के नाम से पहचाने जाने वाले रामचंद्र प्रसाद सिंह बिहार के जनता दल (यूनाइटेड) कोटे से राज्य सभा संसद भी हैं। इनका जन्म 06 जुलाई 1958 को नालंदा जिले में हुआ था। राजनीति में आने से पहले रामचंद्र प्रसाद एक आईएएस अधिकारी रहें हैं। रामचंद्र सिंह के पिता का नाम स्वर्गीय श्री सुखदेव नारायण सिंह है तथा माता का नाम श्रीमती दुख लालो देवी है। रामचंद्र प्रसाद सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हाई स्कूल, हुसैनपुर, नालंदा से प्राप्त की है। इसके बाद में उन्होंने इतिहास विषय से स्नातक की डिग्री प्राप्त तथा उसके उपरांत परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। रामचंद्र प्रसाद सिंह पटना साइंस कॉलेज, पटना कॉलेज तथा जवाहर लाल यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के छात्र रहें हैं। 

रामचंद्र प्रसाद सिंह की राजनितिक सक्रियता की बात करें तो वे देश के उन राजनीतिज्ञ लोगों में से एक हैं, जो ख़बरों में छाएं रहने की अपेक्षा अपने कार्य में व्यस्त रहते हैं। पिछले दो दशक से अधिक समय से वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ काफी करीब से कार्य करते रहें हैं। 2015 में बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान महागठबंधन बनाने तथा बीस वर्षों में नितीश कुमार तथा लालू यादव को एक साथ लाने में इनकी महत्वपूर्ण  भूमिका रही है। वर्तमान में आरसीपी सिंह बिहार की कल्याणकारी योजनाओं पर नजर रखने के अलावा चुनावी मामलों में सहयोगियों के साथ समन्वय बैठाने तथा संगठन के प्रमुख मामलों को सम्हालने के लिए जाना जाता है। नितीश कुमार ने जब उन्हें राजनीति में आने के लिए राजी किया तो 1984-बैच के आईएएस अधिकारी रामचंद्र प्रसाद सिंह ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। जिसके बाद वे राज्यसभा सांसद बने तथा पार्टी के दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में उभरे। 2014-15 में रामचंद्र प्रसाद सिंह ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए तत्कालीन सीएम जीतन राम मांझी के विद्रोह से निपटने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। इनकी कार्य कुशलता के मद्देनजर 2020 में रामचंद्र प्रसाद सिंह को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया।  केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार के अंतर्गत रामचंद्र प्रसाद सिंह को इस्पात मंत्रालय से कैबिनेट मिनिस्टर के रूप में तत्कालीन राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने पद तथा गोपनीयता की शपथ दिलाई। वास्तव में  देखा जाए तो रामचंद्र प्रसाद सिंह एक ऐसे व्यक्ति हैं। जो जिन्होंने अपनी सरकारी सेवा तथा राजनीति दोनों में अपने कर्तव्य को प्रथम स्थान दिया है और इसी कारण वे देश के सफल राजनीतिज्ञों की श्रेणी में खड़े हैं।