एसपी राहुल शर्मा समाज के प्रति समर्पित पुलिस अधिकारी है

एसपी राहुल शर्मा समाज के प्रति समर्पित पुलिस अधिकारी है

हरियाणा पुलिस के तेजतर्रार अधिकारी के तौर पर जाने जाते है एसपी राहुल शर्मा । जज्बा और जवाबदेही से काम करना इनकी खासियत है । समाज में जागरूकता लाकर सुधार प्रक्रिया में जन भागीदारी बढ़ाना इन्हें बखूबी आता है । क्राइम के प्रति संवेदनशील और सख्त ऑफिसर के तौर पर इनकी पहचान है । राहुल शर्मा बचपन से ही पुलिस सर्विस को अपना लक्ष्य मानते रहे और इसी के प्रति समर्पण भावना से तैयारी कर 2009 बैच में यूपीएससी में सफलता हासिल किया ।  2009  बैच में कंपीट करने के बाद राहुल शर्मा को हरियाणा कैडर मिला। ट्रेनिंग के बाद ये कई जिलो में रहे । अब तक करीब तेरह साल की पुलिस सर्विस में बतौर पुलिस कप्तान इन्होंने कई जिलों मे शानदार सेवा दिया और लोगों के बीच सुर्खियों में रहे ।

2009 बैच के आईपीएस अधिकारी राहुल शर्मा जिस जिला में रहे कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने में अहम भूमिका अदा किया । राहुल शर्मा जिला रेवाड़ी में एसपी के पद पर तैनात थे। एसपी राहुल शर्मा को हरियाणा के बहुचर्चित रेवाड़ी गैंगरेप मामले में पानीपत से ट्रांसफर करके रेवाड़ी भेजा गया था। इसके बाद उन्होंने एसआईटी गठित कर मामले की गुत्थी सुलझाई थी। इसके अलावा वे पानीपत और पलवल के पुलिस कप्तान के रूप में भी तैनात रहे है। राहुल शर्मा 2018 में पानीपत में एस पी रहे बाद 2018 में उन्हें  हरियाणा सीआईडी में बड़ी जिम्मेदारी मिली उन्हें एसपी सीआईडी बनाया गया । इस दौरान इन्होंने कई पेंचीदा मामले को सुलझाया । 

 राहुल शर्मा  2009 बैच के आईपीएस को 2019 जुलाई में रेवाड़ी एसपी से  रोहतक एसपी बनाया गया । नए एसपी के सामने आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाना चुनौती रही लेकिन इन्होंने काफी सजगता के साथ काम करते हुए अपराध पर अंकुश लगाया और कई अनसुलझे मामलों का जल्द सुलझाया । इसके अलावा स्थानीय समस्याओं जैसे ट्रैफिक सिस्टम, नशीले पदार्थ की अवैध बिक्री, अवैध कारोबार को हल करने के लिए भी उचित कदम उठाएं।  एसपी राहुल शर्मा ने रोहतक में सोशल मीडिया पर गलत मैसेज देने वालों पर भी नकेल कसा।  रोहतक में क्राइम पर काबू करने के लिए इन्होंने दिन-रात काम किया और अपराधियों की धड़पकड़ में तेजी लाया। 100 नंबर को सुचारु करने का काम किया । ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए लोगों की मदद से सुधार किया । लोगों में जागरुकता लाने का काम किया । चलान के बजाए लोगों में जागरुकता अभियान चलाया । नशामुक्ति के लिए काम करन रोहतक एक इंडस्ट्रियल जिला है लिहाजा हेवी ट्रैफिक की इंट्री के नियम को सख्ती से लागू किया ।


इसके बाद 2009 बैच  के एसपी राहुल शर्मा को सोनीपत ट्रांसफर किया गया । कोरोना काम में एसपी राहुल ने बड़ी जिम्मेदारी के साथ काम किया और लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया और गाइडलाइंन पालन के लिए प्रेरित किया ।  एसपी राहुल शर्मा ने क्राइम और ट्रैफिक को  सुचारु करने के लिए आसपास से सटे जिलों से सम्पर्क साधकर ट्रैफिक को ठीक करने में बेहतरीन समन्वय के साथ काम किया । राहुल शर्मा क्राइम के प्रति जीरो टॉलरेंस रखते हैं और अपराधियों के दिलों उनका डर बना रहता है । वे अपराध को तेजी निपटाने में विश्वास रखते हैं और पुलिस विभाग को आप लोगों की सेवा के लिए भी प्रेरित करते हैं । नशा और तस्करी पूरी तरह से खत्म करने के लिए सदैव प्रयासरत रहते हैं ।


2009 बैच के आईपीएस राहुल शर्मा स्वभाव से कड़क पुलिस अधिकार, ईमानदार छवि, समय के पाबंद, अनुशासन प्रिय और प्रशानसनिक लिहाज से कर्मठ हैं । फेम इंडिया मैगजीन-एशिया पोस्ट सर्वे के मापदंडों में  क्राइम कंट्रोल, लॉ एंड आर्डर में सुधार , पीपुल्स फ्रेंडली, दूरदर्शिता, उत्कृष्ट सोच, जवाबदेह कार्यशैली , अहम फैसले लेने की त्वरित क्षमता, सजगता, व्यवहार कुशलता आदि पर किए गए  सर्वे में हरियाणा के सोनीपत के एसपी राहुल शर्म अव्वल स्थान मिला है ।