शानदार गवर्नेंस और उत्कृष्ट सोच की शक्ति स्वरूप जिलाधिकारी हैं मुक्ता आर्या
हॉवड़ा और जलपाईगुड़ी को सर्वश्रेष्ठ जिलों में शामिल करवा चुकी हैं।
लक्ष्य के प्रति उच्च मनोबल, बुनियादी चीजों को बेहतर तरीके से समझना और मेहनत से सफलता प्राप्त करने में यकीन रखने वाली मुक्ता आर्या 2008 बैच की आईएएस हैं और वर्तमान में पश्चिम बंगाल के हॉवड़ा जिले की कलेक्टर हैं। उन्होंने सदैव अपनी काबिलियत का परिचय देते हुए प्रशासन को सही करने में अहम योगदान दिया और लोगों के बीच लोकप्रियता अर्जित की।
दिल्ली में पली-बढ़ीं मुक्ता का परिवार मूल रुप से राजस्थान का है। उनके पिता भी दिल्ली प्रशासनिक सेवा में रहे हैं। मुक्ता आर्या ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद राजस्थान यूनिवर्सिटी से सोशियोलॉजी में एमए भी किया। उन्होंने पॉन्डिचेरी से ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में भी डिप्लोमा किया है। 2008 में उनके परिवार में दोहरी खुशी आयी जब 2008 बैच में मुक्ता आर्या के साथ उनके भाई को भी यूपीएससी में कामयाबी मिली। 48वीं रैंकिंग के साथ उन्हें वेस्ट बंगाल कैडर मिला।
मुक्ता आर्या को पहली पोस्टिंग में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया का असिस्टेंट कलेक्टर बनाया गया । 2010 में उन्हें मुर्शिदाबाद और उसके बाद वे सेरामपोर में एसडीओ बनाया गया। उन्होंने इन दोनों पोस्टिंग्स से ग्रामीण और शहरी इलाकों में प्रशासन के गुर सीखे। वर्ष 2012 में मुक्ता आर्या का तबादला हुगली जिले में बतौर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट हुआ। इसके बाद उन्हें कुछ महीनों के लिये कोऑपरेटिव सोसाइटी का रजिस्ट्रार बनाया गया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के स्वरोजगार के लिये कई क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटियों का निर्माण करवाया जिनमें से उत्तर दिनाजपुर जिले का 'ऐलो' खासा चर्चित रहा और एशियन डेवलपमेंट बैंक ने इसकी काफी सराहना की।
मार्च 2016 में मुक्ता आर्या को निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हुगली का जिलाधिकारी बनाया गया जहां विधानसभा चुनाव सफलता पूर्वक करवाने के लिये काफी सराहना मिली। जून 2016 में जलपाईगुड़ी में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बनाया गया जहां उन्होंने ग्रामीण आवास, स्वयं सहायता समूह, पर्यटन, पर्यावरण और एग्रो टूरिज्म पर विशेष कार्य किया और जिले को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ जिलों में शुमार करवाया। उसके बाद उन्हें प्रदेश का डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज बनाया गया जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल को ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस की रैंकिंग में काफी सुधारा। इसके बाद उन्हें खाद्य-आपूर्ति विभाग का ज्वाइंट सेक्रेटरी बनाया गया वहां उन्होंने किरासन तेल की कालाबाजारी को रोकने के लिए इसकी ऑनलाइन व्यवस्था करवायी। वर्ष 2019 के चुनाव से पहले चुनाव आयोग के निर्देश पर उन्हें बांकुरा जिले का कलेक्टर बनाया गया, यहाँ उन्होंने अपने शानदार गवर्नेंस से जिले के चहुंमुखी विकास पर खासा काम किया। उन्हें चुनाव को सफल और शांतिपूर्ण तरीके से कराने की वजह से काफी तारीफ मिली।
मई 2019 में मुक्ता आर्या को पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण माने जाने वाले जिले हॉवड़ा में बतौर जिलाधिकारी नियुक्ति दी गयी। उन्होंने जिले में रूरल हाउसिंग, एसएचजी, एजुकेशन, ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट, वूमेन इम्पॉवरमेंट और इम्पलॉयमेंट आदि पर कई महत्वपूर्ण सुधार किये। वे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'उत्कर्ष बंगाल’ व ‘आनंद आधार’ के साथ ही नारी सशक्तिकरण के लिए आवश्यक कन्याश्री, रुपाश्री और स्वप्न भोर जैसे कार्यक्रमों को हावड़ा जिले में सुदृढ़ और सुचारू तरीके से लागू करवा रही हैं। कोविड 19 के संक्रमण काल में वे जिले में साफ-सफाई, स्वच्छता, जागरूकता और गाइड लाइंस के पालन के द्वारा हालात पर काबू करने के लिए सख्ती बरत रही हैं, जिससे उनके काम की तारीफ हो रही है।
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा शानदार गवर्नेंस, दूरदर्शिता, उत्कृष्ट सोच, जवाबदेह कार्यशैली, अहम फैसले लेने की त्वरित क्षमता, गंभीरता और व्यवहार कुशलता आदि दस मानदंडों पर किये गए सर्वे में पश्चिम बंगाल के हॉवड़ा जिले की जिलाधिकारी मुक्ता आर्या 'शक्ति' श्रेणी में प्रमुख स्थान पर हैं।