अर्थजगत की माहिर खिलाड़ी- गीता गोपीनाथ
अर्थजगत की माहिर खिलाड़ी- गीता गोपीनाथ
गीता गोपीनाथ अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष यानी आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री का महत्त्वपूर्ण दायित्व को संभालने वाली पहली महिला हैं। उन्हें ऐसे समय में इस वित्तीय संगठन के मुख्य आर्थिक सलाहकार की जिम्मेदारी दी गयी है जब आर्थिक वैश्वीकरण की बहुपक्षीय संस्थाओं के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। गीता का जन्म 8 दिसंबर 1971 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मैसूर के निर्मला कॉन्वेंट स्कूल में की। उन्होंने वर्ष 1992 में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमेन से अर्थशास्त्र में स्नातक और वर्ष 1994 में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स डिग्री प्राप्त की। साथ ही उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन से मास्टर्स डिग्री भी प्राप्त की। वे हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय अध्ययन और अर्थशास्त्र की प्रोफेसर रही हैं। उन्होंने 2001 में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय व्यापक अर्थशास्त्र और व्यापार में पीएचडी की है। गीता गोपीनाथ नैशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च में इंटरनेशनल फाइनेंस एंड मैक्रो-इकॉनॉमिक्स प्रोग्राम की सह-निदेशक हैं । वे भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के जी-20 सलाहकार समिति में प्रतिष्ठित सदस्य के रूप में भी शामिल रही हैं। गीता गोपीनाथ के पति इकबाल सिंह धालीवाल 1995 बैच के आईएएस टॉपर रहे हैं। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पढ़ाई के लिए प्रिंसटन यूनिवर्सिटी चले गये। वर्तमान में वे मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अर्थशास्त्र विभाग के सेंटर अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी एक्शन लैब के ग्लोबल एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, जिसे नोबल पुरस्कार प्राप्त प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी और एस्थर डुफ्लो ने स्थापित किया था। गीता गोपीनाथ को वर्ष 2019 में शैक्षणिक वर्ग में राष्ट्रपति से प्रवासी भारतीय सम्मान मिल चुका है। शक्तिशाली नारी शक्ति 2020 के सर्वे " नारायणी नमः" में फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट सर्वे द्वारा समाजिक स्थिती , प्रभाव , प्रतिष्ठा , छवि , उद्देश्य , समाज के लिए प्रयास , देश के आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था पर प्रभाव जैसे दस मानदंडों पर किए गए स्टेकहोल्ड सर्वे में देश की प्रमुख 20 शक्तिशाली नारी में गीता गोपीनाथ प्रमुख स्थान पर है ।