सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में शुमार हैं अनुभवी सुरजीत सिंह देसवाल
सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में शुमार हैं अनुभवी सुरजीत सिंह देसवाल
एक ऐसे आईपीएस अधिकारी जो एक या दो नहीं, एक समय में पूरे चार-चार अर्धसैनिक बलों की कमान सफलतापूर्वक संभालकर इतिहास रच चुके हैं। ऐसे अनुभवी कर्मवीर ऑफिसर का नाम है सुरजीत सिंह देसवाल, जिनकी चर्चा आज देश की हर दिशा में है। चाहे सुरक्षित अमरनाथ या वैष्णो देवी की यात्राएं हों या नक्सलियों के खिलाफ अभियान या फिर सीमाओं की आतंकवादियों और तस्करों से सुरक्षा, इन अनुभवी आईपीएस को हर फ्रंट पर कामयाबी मिली है। सुरजीत सिंह देसवाल का जन्म 6 अगस्त 1961 को तत्कालीन पंजाब के करनाल में हुआ था। उन्होंने पानीपत से बीएससी की डिग्री हासिल करने के बाद कुरुक्षेत्र युनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री भी हासिल की। वर्ष 1984 में आईपीएस में चयन हुआ और हरियाणा कैडर में नियुक्ति मिला। वे हरियाणा के विभिन्न महत्वपूर्ण जिलों जैसे करनाल, रोहतक, कैथल, भिवानी एवं फतेहाबाद में एसपी के तौर पर रहे। इस दौरान उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली की चर्चा आम-ओ-खास में आज भी है। वर्ष 1994 में सुरजीत सिंह देसवाल सेंट्रल डेप्युटेशन पर गये और सीबीआई में पोस्टिंग हुई। वहां ऑल इंडिया एन्टी करप्शन यूनिट में वर्ष 1998 तक एसपी के तौर पर तैनात रहे। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आ कर वे पंचकुला में डीआईजी और आईजी पदों पर रहे। उन्होंने अंबाला और रोहतक जैसी महत्वपूर्ण रेंजों की कमान संभाली। उनकी सजगता और कार्यक्षमताओं को देखते हुए उन्हें वर्ष 2009 से 2011 तक गुड़गांव के पुलिस कमिश्नर जैसा महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति हुई। बतौर डीजी उन्होंने हरियाणा राज्य अपराध शाखा एवं हरियाणा आर्म्ड पुलिस की भी कमान संभाली। आईपीएस अधिकारी सुरजीत सिंह देसवाल ने सशस्त्र सीमा बल (एस. एस. बी.) में अपर महानिदेशक के पद पर दिसंबर, 2015 से अक्टूबर, 2017 तक सेवाएं प्रदान कीं, फिर लगभग एक वर्ष सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में अपर महानिदेशक और स्पेशल डीजी (ऑपरेशंस) के पद पर भी कार्यरत रहे। 30 सितंबर, 2018 को एसएसबी में डीजी के पद पर नियुक्त हुए और अक्टूबर, 2018 में आईटीबीपी के बल प्रमुख का कार्यभार संभाला। उन्हें सीआरपीएफ और बीएसएफ के डीजी का कार्यभार भी दिया जा चुका है और माना जाता है कि इस समय वे केंद्र सरकार के सबसे भरोसेमंद अधिकारीयों में एक हैं। करीब डेढ़ साल से सुरजीत सिंह देसवाल ने सशस्त्र बल के जवानों और अधिकारियों की फिजिकल फिटनेस को और बेहतर बनाने के लिये विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने हिमालय के राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये वहां सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये हैं, साथ ही मुश्किल हिमालयी परिस्थितियों में कई बार स्वयं पैदल जाकर जवानों का मनोबल बढ़ाया है। देसवाल ने विदेशों में भी बेहतर पुलिसिंग के लिये प्रशिक्षण लिया है। वर्ष 2003 में अमेरिका के क्वांटिको, वर्जिनिया और वर्ष 2010 में इंग्लैंड की राजधानी लंदन में उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने वर्ष 1994 में इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस, वर्ष 2002 में होस्टेज नेगोशिएशन, वर्ष 2007 में पुलिस पॉलिटिकल लीडरशिप और वर्ष 2010 में विदेश नीति के विशेष कोर्स किये हैं। निस्वार्थ व ईमानदारी से सेवा करने के लिये उन्हें वर्ष 2001 में सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक एवं वर्ष 2012 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया है।सुरजीत सिंह देसवाल का देश के लिये समर्पण व्यक्तिगत होने के साथ-साथ पारिवारिक भी है। उनकी पत्नी भारतीय राजस्व सेवा में मुख्य आयकर आयुक्त हैं तो पुत्री यशस्विनी देसपाल एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। वे वर्ष 2019 में वर्ल्ड कप शूटिंग चैंपियनशिप में भारत के लिये गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी हैं और वर्ष 2020 के ओलिंपिक्स के लिये भी देश का स्थान सुरक्षित कर चुकी हैं।
फेम इंडिया मैगजीन - एशिया पोस्ट सर्वे के 12 मापदंडों पर किये गये "25 उत्कृष्ट आईपीएस 2020" के वार्षिक सर्वे में केंद्रीय पुलिस बलों के मुखिया सुरजीत सिंह देसवाल, "अनुभवी" श्रेणी में प्रमुख स्थान पर हैं।