निर्भीक ईमानदार और लगनशील अधिकारी हैं देबाश्री मुखर्जी
देबाश्री मुखर्जी निर्भीक , ईमानदार और लगनशीन आईएएस अधिकारी के तौर पर जानी जाती हैं । प्रशासनिक दायित्व उनकी पहली प्राथमिकता हैं , कार्य को नियत समय पर पूरा करने को लेकर वे फिक्रमंद रहती हैं । देबाश्री हमेशा से आम लोगों कि सेवा को सर्वोपरि मानती हैं और इसी मकसद को पूरा करने के लिए उन्होंने तरजीह दी । देबाश्री मुखर्जी का जन्म मध्य प्रदेश में 19 नवंबर 1968 को हुआ । अंग्रेजी साहित्य में बचपन से उनकी काफी रूचि रही हैं । उन्होंने इंग्लिश में प्रथम श्रेणी में पोस्ट ग्रेजुएशन की। प्रशासनिक सेवा में 1991 बैच में देबाश्री मुखर्जी को सफलता मिली। उन्हें एजीएमयूटी कैडर मिला ।
आईएएस अधिकारी देवाश्री सबसे पहले पूर्वी दिल्लीमें एसडीएम बनाई गई। दो साल बाद उन्हें अरुणाचल प्रदेश में प्लानिंग एंड प्रोग्राम इंप्लीमटेेंशन डिपार्टमेंट में अंडर सेक्रेटरी बनाया गया। 1997 में अरुणाचल प्रदश में डिप्टी कमिश्नर बनाई गई। इसके अलावा वे अरुणाचल प्रदेश में ही कई अहम पदों पर रहीं । वे राज्य में अंडर सेक्रेटरी श्रम , स्पेशल अंडर सेक्रेटरी पर्सनल मनेैजमेंट, रहीं। 1999 मार्च में देबश्री मुखर्जी एक बार फिर दिल्ली लौटीं। इस बार उन्हें एडिशनल डायरेक्टर शिक्षा और मानव संसाधन डिपार्टमेंट पूर्वी दिल्ली की जिम्मेदारी सौंपी गई । अक्टूबर 2001 में एमसीडी में डिप्टी कमिश्नर के पद पर उनकी तनैाती हुई। एमसीडी में उन्होंने कई प्रशासनिक सुधार की और जमकर वाह वाही बटोरी । अगस्त 2002 से जुलाई 2003 तक वे एक्साइज और फाइनेंस डिपार्टमेंट में कमिश्नर के पद पर रहीं । प्रशासनिक अधिकारी देबश्री की सोच सदा सेविका सवादी रही हैं । उनकी इसी सोच की वजह सेदिसंबर 2005 सेमई 2008 डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेशनल डवेलपमेंट में अरबन एडवाइजर के लिहाज से उप सचिव के पद पर में रहीं । इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सोशल वेलफेयर, महिला और बाल कल्याण विभाग में सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी गई । जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। मुखर्जी 2009-11 तक स्टडी लीव पर थी इस दौरान उन्होंने ब्रिटेन के लेस्टरशायर से वाटर एंड एनवायरमेंट मनेैजमेंटमें एमएससी की डिग्री हासिल की।देश लौटने के बाद उन्हें दिल्ली जल बोर्ड का चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनाया गया। एक साल 8 महीने तक वे इस पद पर रहीं। उनकी प्रशासनिक काबिलियत को दखते हुए दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरशे न की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर बनाई गई । 1991 बैच की प्रशासनिक अधिकारी देवाश्री मुखर्जी की 2015 में केंद्र में प्रतिनियुक्ति हुई। वे पर्सनल और पब्लिक ग्रिएवान्सेस मिनिस्ट्री में ज्वाइंट सेक्रेटरी बनाई गई। उन्हें पीएमओ में ज्वाइंट सेक्रेटरी बनाया गया।पीएमओ में ग्रामीण विकास, लैंड एंड अरबन डेवलपमेंट से जुड़े कामकाजों को दखे ती रही। इसके साथ वे पीएम मोदी के ड्रीमप्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी परियोजना और समग्र शहरीकरण पर जोर दिया । वे 6 साल एक महीनेतक पीएमओ में रहीं। आईएएस देवाश्री को जल और पर्यावरण पर खासी पकड़ हैं । इसे देखते हुए उन्हें फिलहाल जल शक्ति ममंत्रालय में अपर सचिव नदी विकास एवं गंगा संरक्षण की अहम जिम्मेदारी दी गई हैं। गंगा को प्रदूषण से बचाने पर देवाश्री मुखर्जी का जोर हैं क्योंकि केंद्र सरकार निर्मल गंगा की पक्षधर रही हैं ।