फेम इंडिया–एशिया पोस्ट ने शुरू किया देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तानों के चयन का राष्ट्रीय सर्वे
एसपी, एसएसपी, डीसीपी, पुलिस आयुक्त एवं जिला पुलिस प्रमुखों के कार्यों का होगा व्यापक मूल्यांकन
किसी भी विकसित, सुरक्षित और समृद्ध समाज की आधारशिला प्रभावी कानून व्यवस्था और नागरिकों में सुरक्षा की मजबूत भावना होती है। जब आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है, तभी सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की गति तेज होती है। इस व्यवस्था को मजबूत बनाने में जिले के पुलिस प्रमुख—एसपी, एसएसपी, डीसीपी, पुलिस आयुक्त तथा अन्य जिला पुलिस प्रमुखों—की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने, महिला एवं बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने, साइबर अपराधों से निपटने, ट्रैफिक प्रबंधन, सामुदायिक पुलिसिंग तथा जनता और पुलिस के बीच विश्वास का वातावरण तैयार करने में इन अधिकारियों का योगदान निर्णायक माना जाता है।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए फेम इंडिया मैगजीन एवं एशिया पोस्ट सर्वे ने वर्ष 2026 के लिए "भारत के सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तान सर्वे 2026" प्रारंभ करने की घोषणा की है। इस राष्ट्रीय सर्वे का उद्देश्य देशभर में उत्कृष्ट कार्य कर रहे पुलिस प्रमुखों की पहचान करना, उनके नवाचारों, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण को रेखांकित करना तथा सकारात्मक कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करना है।
फेम इंडिया के एडीटर इन चीफ धीरज कुमार 'भारद्वाज' ने बताया कि सकारात्मक पत्रकारिता के अपने मूल उद्देश्य के अनुरूप फेम इंडिया पिछले कई वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं संस्थानों का निष्पक्ष मूल्यांकन कर उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास करता रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष भी देशभर के पुलिस नेतृत्व का व्यापक अध्ययन एवं सर्वेक्षण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में लगभग 700 से अधिक जिला पुलिस प्रमुख विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों के चयन के लिए बहुस्तरीय एवं पारदर्शी सर्वे प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रारंभिक चरण में विभिन्न सरकारी अभिलेखों, सार्वजनिक उपलब्ध आंकड़ों, मीडिया रिपोर्ट, पुलिस विभाग की उपलब्धियों, विशेषज्ञों की राय, नागरिकों से प्राप्त फीडबैक तथा स्वतंत्र ग्राउंड इनपुट के आधार पर प्रमुख अधिकारियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
सर्वे में अधिकारियों का मूल्यांकन केवल अपराध के आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि उनके समग्र नेतृत्व और प्रशासनिक दक्षता के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए निम्नलिखित प्रमुख मानदंड निर्धारित किए गए हैं—
अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था में सुधार
महिला, बाल एवं वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा
साइबर अपराधों की रोकथाम एवं तकनीकी नवाचार
जनता के प्रति संवेदनशील एवं पीपुल्स फ्रेंडली पुलिसिंग
सामुदायिक पुलिसिंग एवं जनसंपर्क
संकट प्रबंधन एवं त्वरित निर्णय क्षमता
पारदर्शिता एवं जवाबदेही
भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं अनुशासन
ट्रैफिक एवं शहरी सुरक्षा प्रबंधन
नवाचार एवं उत्कृष्ट प्रशासनिक पहल
नेतृत्व क्षमता एवं टीम प्रबंधन
पुलिस की सकारात्मक छवि निर्माण एवं जनविश्वास बढ़ाने में योगदान
सर्वे के दौरान देश के विभिन्न राज्यों, महानगरों एवं जिलों में कार्यरत एसपी, एसएसपी, डीसीपी, पुलिस आयुक्त तथा अन्य जिला पुलिस प्रमुखों के कार्यों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में सुरक्षा विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ पत्रकारों तथा जागरूक नागरिकों की राय को भी महत्व दिया जाएगा, ताकि मूल्यांकन अधिक संतुलित, व्यापक एवं निष्पक्ष हो सके।
सर्वे पूर्ण होने के बाद चयनित अधिकारियों की सूची विशेषांक के रूप में प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। फेम इंडिया का मानना है कि सकारात्मक कार्यों की पहचान और उनका सम्मान न केवल उत्कृष्ट अधिकारियों का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि देशभर में बेहतर पुलिसिंग और सुशासन की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करता है।
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट सर्वे ने देशभर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विशेषज्ञों तथा संबंधित संस्थाओं से भी अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के उत्कृष्ट पुलिस अधिकारियों के कार्यों से संबंधित तथ्य, उपलब्धियां एवं सुझाव सर्वे टीम तक पहुंचाकर इस राष्ट्रीय पहल को अधिक प्रभावी और सार्थक बनाने में सहयोग करें।