जन भागीदारी और जबाबदेही को तरजीह देते हैं गौरव गुप्ता
गौरव गुप्ता आधुनिक सोच के सीनियर आईएएस अधिकारी हैं। इनके प्रशासनिक कौशल में दूरदर्शिता और जवाबदेही की झलक साफ दिखती हैं । वे विभागीय कार्य में लापरवाही को बिल्कुल पसंद नहीं करते। 1990 बैच के आईएएस अधिकारी गौरव प्रशासनिक सेवा में आम लोगों की सेवा के मकसद से आये। वर्तनाम में गौरव गुप्ता बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका में प्रशासक पद पर तैनात हैं।
इनका जन्म 27 जुलाई 1967 को उत्तर प्रदेश में हुआ। गौरव गुप्ता ने आईआईटी कानपुर से इेलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और आईआईटी दिल्ली से उन्होंने पावर अपरेट्स एंड सिस्टम्स से एमटेक किया।1990 में यूपीएससी की परीक्षा में उन्हें सफलता मिली और कर्नाटक कैडर मिला। इसके बाद साल 2005 में गौरव ने हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी स पे ब्लिक फाइनेंसियल मनेैजमटें में एक्जक्यूटिव एडुकेशन की डिग्री हासिल की । गौरव गुप्ता ने प्रशासनिक सेवा की ट्रेनिंग के बाद असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर ज्वाइनकिया। 1994-95 में वे पहली बार डिप्टी कमिश्नर बैंगलोर बनाए गए। इस पद पर रहते हुए उन्हें एक्साइज और फाइनेंस विभाग का दायित्वमिला । इसके बाद गौरव पंचायती राज विभाग के सीईओ रहे । गौरव को शिमोग जिले में पंचायती राज विभाग के सीईओ के पद पर तनैात किया गया । 2000 से 2002 तक वे उडुपी के डिप्टी कमिश्नर रहे और अपने प्रशासनिक जिम्मेदारी को बखूबी निभाया । आईएएस गौरव गुप्ता समय गुजरने के साथ कर्नाटक में कई अहम पदों पर रहे । पब्लिक और फाइनेंस पर बजोड़ पकड़ होने के साथ इंजीनियर बैकग्राउंड के अधिकारी होने का फायदा मिला। वे मैंगलोर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कॉरपोरशेन लिमिटेड मैंगलोर के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर तनैात किए गए। 2008 स 2012 के बीच उन्हें कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरशेन बैंगलोर का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया । आईएएस गौरव गुप्ता 2020 सितंबर में बृहत बेंगलुरु महा नगरपालिका का प्रशासनिक अधिकारी बनाया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने सिटी प्रशासन, स्थानीय प्रशासन के साथ नागरिक मसलों को शानदार तरीके हलकिया। इसके साथ ग्रेटर बैगलुरु में बिजली और जाम की समस्या को दुरुस्त करने के प्रभावी योजना पर कार्य कर रह हैं। आईएएस गौरव गुप्ता को उनके सराहनीय कार्य के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका हैं। उन्हें नेशनल ई-गवर्नेंस और मुख्यमंत्री रत्न अवार्ड से नवाजा जा चुका हैं ।