बेजोड़ अंदाजे बयां है जुझारू महुआ मोइत्रा का

बेजोड़ अंदाजे बयां है जुझारू महुआ मोइत्रा का

बेजोड़ अंदाजे बयां है जुझारू महुआ मोइत्रा का

महुआ मोइत्रा के पहले भाषण से ही काफी लोकप्रियता हासिल कर ली।  लोकसभा में विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस का होने के बावजूद उन्होंने अपने अकाट्य तर्कों और बोलने की अपनी विशेष शैली से सत्ता और विपक्ष दोनों ही नेताओं से प्रसंशा हासिल की है। लोकसभा के नव निर्वाचित सांसदों में वह सबसे प्रतिभाशाली मानी जाती हैं। इससे पहले भी उनकी छवि पश्चिम बंगाल के एक जुझारू राजनेता की रही है।  5 मई 1975 को कोलकाता के एक संपन्न ब्राह्मण परिवार में जन्मी महुआ मोइत्रा की स्कूली शिक्षा वहीं से हुई और बाद में माउंट होलीक कॉलेज, साउथ हैडली, मैसाचुसेट्स, संयुक्त राज्य अमेरिका से अर्थशास्त्र और गणित में स्नातक किया। वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर नौकरी करने डेनमार्क गयीं तो उन्होंने अपने करीयर की शुरुआत मशहूर कंपनी जेपी मॉरगन से एक इनवेस्टमेंट बैंकर के तौर पर की। अपनी योग्यता के दम पर वे कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट के पद तक पहुंची। वर्ष 2008 में महुआ मोइत्रा भारत लौट आयीं और समाजसेवा को अपना लक्ष्य बनाया। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 2009 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनेता के तौर पर की।  ममता बनर्जी से मिलने के बाद वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गयीं और अपने तेज तर्रार, ओजस्वी भाषणों के कारण वे जल्दी ही काफी लोकप्रिय हो गयीं। महुआ मोइत्रा ने अपने जीवन का पहला चुनाव वर्ष 2016 में पश्चिम बंगाल के करीमपुर विधानसभा के लिये लड़ा। वे चुनाव जितने के बाद से पश्चिम बंगाल विधान सभा की एक बहुत ही सक्षम और मजबूत विधायक के रूप में विख्यात रहीं।  वर्ष 2019 में 17 वीं लोकसभा  के चुनाव में पार्टी ने उन्हें पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से लड़वाया। देश भर में मोदी लहर के बावजूद उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को लगभग 63 हजार वोटों से हराया।

25 सशक्त महिला 2020 के फेम इंडिया - एशिया पोस्ट सर्वे में महुआ मोइत्रा "बेजोड़" कैटगरी में प्रमुख स्थान पर है ।