हौसला की उड़ान से पहचान बनाने में सफल रही हैं अगाथा सांगमा
कहते हैं पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। ये कथन अगाथा कोंगक्कल संगमा के बारे में बिलकुल सटीक बैठता है। वे यूपीए-2 के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में सबसे कम उम्र की केंद्रीय राज्यमंत्री थीं और तब से लगातार तीसरी बार लोकसभा सांसद चुनी जा चुकी हैं। अगाथा कोंगक्कल संगमा का जन्म 24 जुलाई 1980 को नई दिल्ली में हुआ था। उनके पिता पी ए संगमा लोकसभा के स्पीकर थे। उनका परिवार गारो हिल्स के राजवंश से है और इलाके में उन्हें खासा सम्मान प्राप्त है। उनकी पढ़ाई कई जगहों पर हुई। वे पुणे विश्वविद्यालय से एलएलबी डिग्री होल्डर है। आगे चलकर उन्होंने ब्रिटेन के नॉटिंघमशायर यूनाइटेड किंगडम विश्वविद्यालय से पर्यावरण प्रबंधन में स्नातकोत्तर किया। वे दिल्ली उच्च न्यायालय की बार काउंसिल की सदस्य भी हैं। इसके अलावा उन्होंने साइबर लॉ, कॉरपोरेट कानून, मानवाधिकार कानून, प्रतिभूति और निवेश कानून जैसे कई विषयों में डिप्लोमा प्राप्त हैं। अगाथा को बचपन से ही घर में राजनैतिक माहौल मिला। उनके पिता स्व. पीए संगमा का सौम्य व्यक्त्वि उनमें झलकता है। शांत और सौम्य अगाथा अपने क्षेत्र के लोगों के बीच भी काफी सराही जाती है। वर्ष 2008 में जब पीए संगमा ने मेघालय की प्रादेशिक स्तर की राजनीति में उतरने के लिये सांसद पद से इस्तीफा दिया तो खाली हुई सीट पर हुए उपचुनाव में जीतकर वे पहली बार 14वीं लोकसभा पहुंची। वर्ष 2009 में दोबारा जीत कर आयीं तो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें जल संसाधन विभाग का केंद्रीय राज्य मंत्री बना दिया। ग्रामीण विकास मंत्रालय में रहते हुए अगाथा ने काफी काम किया है खासकर के ग्रामीण क्षेत्रों के महिलाओं के लिए उनकी प्राथमिकता थी कि उन्हें हर घर को सुनिश्चित रूप से पानी मिले। उनकी प्रथमिकता में गारो हिल्स और भारत का विकास रहा। अगाथा को उस समय के तत्कालीन अधिकारी पानी वाली महिला भी कहते थे। वर्ष 2012 में उनके पिता ने नय राजनीतिक दलनैश पीपल्स पार्टी वर्ष 2014 और वर्ष 2019 में वे क्रमशः 16वीं और 17वीं लोकसभा के लिये चुनाव जीतकर पहुंची।17वीं लोकसभा के पहले दो सत्रों में अगाथा कोंगक्कल संगमा ने 7 डिबेट में हिस्सा लिया। उनके माध्यम से 5 प्रश्न सदन के पटल पर रखे गये जो बाढ़, सूखा, हेलीकॉप्टर क्रैश अरुणाचल में होने और कृषि के लिए सिंचाई योग्य पानी के उपयोग और उपायों से संबंधित हैं। अगाथा संगमा की सदन में कुल उपस्थिति 77% रही। तुरा के युवाओं और आसपास के इलाकों के विकास लोगों के लिए रोजगार मौजूदा शिक्षा के साथ उनका फोकस युवाओं को तकनीकी हुनर और स्वाबलंबन पर है। अगाथा ने के भाई कोनराड संगमा मेघालय के मुख्यमंत्री है और दूसरे भाई जेम्स भी राजनीति में सक्रिय है। अगाथा ने डॉ. पैट्रिक रोंगमा मारक से नवंबर 2019 में शादी की है। अगाथा को फोटॉग्राफी और पर्यावरण से विशेष लगाव है।